जदयू द्वारा मनाया गया जगदेव प्रसाद और ललई राम यादव जी का शहादत दिवस

 ओबरा।आज ओबरा प्रखंड के उच्च विद्यालय के प्रांगण में जगदेव प्रसाद और ललई राम यादव जी का शहादत दिवस मनाया गया। 


इस अवसर पर जदयू मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा,जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी,जदयू युवा जिला उपाध्यक्ष रामजीत यादव,जिला सचिव मनोज मेहता, रमन चंद्रवंशी,युवा नेता प्रवीण कुमार और अन्य सभी कार्यकर्ता उपस्थित हुए और अमर शहीद जगदेव बाबू ललई राम यादव के संघर्ष और समाज को जागरूक करने संबंधित उनके कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


पूना पैक्ट,जिसके आधार पर मिली आरक्षण और छुआ-छूत से छुटकारा,पढ़िए पूना पैक्ट की पूरी कहानी...

 पूना पैक्ट |पूना पैक्ट को


यरवड़ा समझौता भी कहा जाता है, 1932 के 24 सितंबर को भारतीय गरीब वर्ग के नेता डॉ. बी. आर. आंबेडकर और उच्च जाति के हिन्दू समुदाय के नेताओं के बीच हुआ था, जिन्हें महात्मा गांधी ने प्रतिष्ठान दिलाने के लिए प्रेरित किया था।


ये कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं जो पुणे समझौते के बारे में हैं:


1. **पृष्ठभूमि**: यह समझौता उन्हीं कारणों के जवाब में हुआ था जो ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्से मैकडोनल्ड ने 1932 में घोषणा की थी, जिसमें भारतीय गरीब वर्ग के लिए अलग चुनावित प्रतिनिधित्व प्रस्तावित किया था।


2. **डॉ. आंबेडकर की चिंताएं**: प्रारंभ में डॉ. आंबेडकर ने अलग चुनावित प्रतिनिधित्व का समर्थन किया था, लेकिन महात्मा गांधी ने उन्हें पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया। गांधी ने अलग चुनावित प्रतिनिधित्व की बजाय आरक्षित सीटों की मांग की।


3. **रिजर्वेशन प्रणाली**: पुणे समझौता ने प्रांतीय विधानसभाओं में गरीब वर्गों के लिए अलग चुनावित प्रतिनिधित्व की बजाय आरक्षित सीटों की व्यवस्था की। इसका अर्थ था कि इन समुदायों के उम्मीदवारों के लिए कुछ निश्चित सीटें निर्धारित की गईं, लेकिन वे सामान्य चुनावकर्ता द्वारा चुने जाते थे।


4. **महत्व**: पुणे समझौता ने भारत में विभिन्न समुदायों के बीच एक गहरा विभाजन हो सकने वाले समय को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह समझौता सामाजिक और शैक्षिक रूप से वंचित वर्गों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठान और सुरक्षा प्राप्त करने में मदद करता है।


5. **प्रभाव**: पुणे समझौते द्वारा स्थापित आरक्षण प्रणाली को भारतीय संविधान का अभिन्न हिस्सा बना दिया गया। यह इतिहासिक अन्यायों और असमानताओं को समाप्त करने और समाज में समानता की दिशा में एक योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण साधन रहा है।


पुणे समझौता भारत के सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया ह

देश के 8 राष्ट्रीय दलों की कुल कमाई में BJP की आधे से ज्यादा हिस्सेदारी, TMC दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर-ADR Report


वित्त वर्ष 2021-22 में बीजेपी की कुल घोषित आय 1917.12 करोड़ रुपये रही, टीएमसी 545.75 करोड़ रुपये के साथ दूसरे और कांग्रेस 541.28 करोड़ रुपये की आय के साथ तीसरे नंबर पर रही

 गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव आयोग के साथ विभिन्न दलों द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की है. एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में आठ राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का जिक्र किया है. एडीआर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 8 राजनीतिक दलों ने कुल 3289.34 करोड़ रुपये की आय घोषित की है, जिसमें आधी से ज्यादा रकम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली है. वहीं, बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा चंदा पाने वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस है, जिसने 545.745 करोड़ रुपये की आय घोषित की है. इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-2022 में कांग्रेस की कुल आय 541.275 करोड़ रुपए रही. चंदा हासिल करने में तीसरे नंबर पर रहने वाली कांग्रेस अपनी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा करने वाली पार्टी है. कांग्रेस ने 541.275 करोड़ रुपये में से 400.414 करोड़ रुपये यानी 73.98 फीसदी खर्च कर दिए हैं, जबकि बीजेपी और टीएमसी ने अपनी आय का आधे से भी कम हिस्सा खर्च किया है.

किसको मिला कितना चंदा

  • भाजपा: 1917.12 करोड़ 
  • कांग्रेस: 541.275 करोड़ 
  • तृणमूल कांग्रेस: 268.337 करोड़ 

किसने किया कितना खर्च 

भाजपा ने 2021-22 के दौरान 1917.12 करोड़ रुपये की कुल आय प्राप्त होने की घोषणा की जिसमें से उसने 854.467 करोड़ रुपये यानी 44.57 फीसदी खर्च किया. कांग्रेस की कुल आय 541.275 करोड़ रुपये रही जिसमें से उसने 400.414 करोड़ रुपये यानी 73.98 फीसदी खर्च किया. वही, तृणमूल कांग्रेस ने 268.337 करोड़ रुपये यानी 49.17 फीसदी खर्च किया. जिन आठ राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा चुनाव आयोग से मिला है उनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी हैं. 

बांड के माध्यम से किसको कितना मिला चंदा? 

एडीआर ने कहा कि आठ राजनीतिक दलों में से भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और राकांपा ने अपनी कुल आय का 55.09 फीसदी या 1811.9425 करोड़ रुपये चुनावी बांड के माध्यम से चंदे के रूप में हासिल किये. चुनावी बॉड के माध्यम से भाजपा को 1033.70 करोड़ रुपये, तृणमूल कांग्रेस को 528.143 करोड़ रुपये, कांग्रेस को 236.0995 करोड़ रुपये और राकांपा को 14 करोड़ रुपये चंदा में मिले. 

श्री राम छावनी में धूम - धाम से मना कृष्ण जी का छठी


 आज बरंडा रामपुर पंचायत स्थित श्रीराम छावनी धाम में श्री कृष्ण जी की छठी बहुत धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर औरंगाबाद जदयू युवा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी के साथ-साथ औरंगाबाद जदयू युवा जिला उपाध्यक्ष रामजीत यादव शामिल हुए।

इस अवसर पर दुगोला कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राजदेव यादव व्यास,सूरदास व्यास,कृष्णा राम,मोहन यादव ,सरयू यादव ,हरी यादव ,इंद्रदेव यादव ,अशोक यादव ने अपनी प्रस्तुति दी।

श्री राम छावनी धाम के अध्यक्ष सूर्यदेव यादव,सचिव बृजमोहन गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनोद मेहता,महासचिव नारायण मेहता,महंत सीताराम यादव,रामपति दास ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



आपके घर के पास दिखने वाला ये जीव आपको बना सकता है 85 करोड़ का मालिक...जानिए ये कौन सा जीव है?

 

यहां जिस जीव की बात की जा रही है, वो आपके ही घर के आसपास मिल जाता है. कई बार तो इसका एक डंक वक्त पर इलाज न मिले तो जानलेवा हो जाता है. ये खतरनाक जीव बिच्छू है, जिसके जहर की कीमत एक अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 1 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा है. बिच्छू का एक लीटर ज़हर $10,302,700 यानि भारतीय मुद्रा में 85 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत में बिकता है, जो काफी चौंकाने वाला आंकड़ा है.

एक बिच्छू में होता है 2 मिलीलीटर ज़हर
एक बिच्छू से तकरीबन 2 मिलीलीटर जहर निकाला जाता है. सोचिए अगर एक बिच्छू का भी ज़हर हाथ लग जाए तो आप लखपति तो बन ही सकते हैं. आप सोच रहे होंगे कि आखिर बिच्छू का ज़हर किस काम में आता होगा, जो इसे इतना महंगा खरीदा जाता है. आपको बता दें कि एंटी वेनोम बनाने के अलावा ऑस्टियोअर्थराइटिस, इरीटेबल बोवल सिंड्रोम और माइएस्थेनिया ग्रेविस के इलाज में इसे इस्तेमाल किया जाता है. लैब में पाउडर फॉर्म में तब्दील करके इसे बेचा जाता है.

कुटुम्बा प्रखंड के प्रमुख धर्मेंद्र चंद्रवंशी की दादी के अन्तिम संस्कार में शामिल हुए औरंगाबाद जदयू युवा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी


 कुटुंबा प्रखंड। कुटुम्बा प्रखंड के प्रमुख धर्मेंद्र चंद्रवंशी की दादी का कल देहांत हो गया । वे 100 वर्ष की थीं।उनके अंतिम संस्कार में औरंगाबाद जदयू जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी शामिल हुए।

औरंगाबाद में कारवाने-इतेहाद व भाईचारा कार्यक्रम का हुआ आयोजन


 
औरंगाबाद।औरंगाबाद टाउन हॉल में कारवाने-इत्तेहाद व भाईचारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जनाब मोहम्मद जमा खान साहब,माननीय मंत्री अल्पसंख्यक कल्याण बिहार सरकार और जनाब सुमित कुमार सिंह,माननीय मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी , बिहार सरकार शामिल हुए।

कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में आपसी भाईचारा बनाए रखना है। कार्यक्रम में उपस्थित जदयू युवा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी ने कहा की बिहार में हिंदू मुस्लिम एकता को किसी की भी नजर नहीं लग सकती है और बीजेपी लाख प्रयास कर ले यहां पर कमल नहीं खिलेगा।